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राजेश राज बनने चले थे क्रिकेटर ,बन गये रिपोर्टर

राजेश राज का नाम देश के उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल है,जो पत्रकारिता के साथ साथ सामाजिक सरोकार भी रखते हैं। दूसरों के दुख दर्द में शामिल होना इनकी फितरत रही है, तो अन्याय और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ बचपन से खड़े हो जाना इनके बेबाकीपन का प्रमाण पेश करता है। राजेश राज एक सुलझे हुए सामाजिक कार्यकर्ता हैं। बेगूसराय से मुज़फ्फरपुर और फिर पटना से दिल्ली तक की यात्रा में कई पड़ाव आये लेकिन राज संघर्ष के बीच सफलता की ईबारत लिखते रहे।

2005 में दिल्ली आने से पूर्व राजेश राज का बचपन बहुत संघर्षों में बीता। मुज़फ्फरपुर में पढ़ाई के दौरान अपनी जेब खर्च निकालने के लिये एक कोचिंग इन्सटीच्यूट में हिन्दी पढ़ाना शुरु किया लेकिन दो महीने अध्यापन करने के बाद कोचिंग प्रबंधन ने कोई फीस नहीं दी। फिर उन्होंने कोचिंग को अलविदा कह दिया। फिर पटना आये। पटना में एक पत्रिका में विशेष संवाददाता के रुप में लिखना शुरु किया। 6 महीने से भी ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद जब वेतन नहीं मिली तो राजेश राज ने पत्रिका को भी अलविदा कह दिया। फिर कई पत्र पत्रिकाओं में स्वतंत्र पत्रकार के रुप में आलेख लिखना शुरु किया। संघर्ष की कहानी, यहीं खत्म नहीं हुई,बल्कि धोखा खाते खाते राजेश राज संघर्ष की गाथा लिखने दिल्ली पहुंच गये।

राजेश राज वर्तमान में दिल्ली दूरदर्शन न्यूज़ में वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार के रुप में अपनी पारी खेल रहे हैं। तकरीबन 19 साल का इलेक्ट्रोनिक मीडिया और 3 साल से भी ज्यादा का प्रिंट मीडिया का अनुभव उनके पास है। अपनी पढ़ाई के दौरान ही मुज़फ्फरपुर दूरदर्शन केन्द्र से एंकरिग से करिअर की शुरुआत करने वाले राजेश राज एक स्तंभकार और लेखक के रुप में भी जाने जाते रहे हैं। इन्होंने सबसे पहले ” संपादक के नाम पत्र ” से अखबारों में लिखना शुरु किया और बाद में प्रभात खबर,जनसत्ता,राष्ट्रीय सहारा,हिन्दुस्तान,इंडिया न्यूज़ सरीखे पत्र पत्रिकाओं में आलेख लिखने लगे।

राजेश राज मूलत: बिहार के बेगूसराय ज़िले के मंझौल के रहने वाले हैं,जिनका जन्म अपने ननिहाल बलिया ,बेगूसराय में 25 दिसंबर 1974 को एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ। आरंभिक शिक्षा दीक्षा मंझौल के भविष्य भारती स्कूल और जयमंगला हाई स्कूल से हुई। रामचरित्र सिंह कॉलेज , मंझौल से इंटरमीडियट,जी.डी.कॉलेज बेगूसराय से स्नातक करने के बाद राजेश राज ने बाबा साहब भीम राव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ्फरपुर से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई पूरी की। साथ ही बिहार विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग से हिन्दी पत्रकारिता और जनसंचार में पीजी डिप्लोमा की डिग्री हासिल की।

बाबा साहब भीम राव अंबेड़कर बिहार विश्वविद्यालय मुज़फ्फरपुर में एक छात्र नेता के रुप में राजेश राज ने अमिट छाप छोड़ी। जहाँ उन्होंने अनवरत छात्रों के सवाल पर संघर्ष किया, तो विश्वविद्यालय में शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय और भेदभाव के खिलाफ़ भी बिगुल फूंका। राजेश राज ने स्नातक की पढ़ाई के दौरान जी.डी.कॉलेज बेगूसराय में एवीबीपी के छात्र नेता के रुप में छात्र सियासत में कदम रखा। राजेश राज बचपन से ही एक बागी प्रवृति के छात्र के रुप में जाने जाते थे,शायद यही वजह है कि स्कूली जीवन में भी अन्याय के खिलाफ़ बिगुल फूंकते रहे।

राजेश राज एक ओजस्वी वक्ता भी हैं,जिन्हें मुज़फ्फरपुर से लेकर दिल्ली विश्वविद्यालयों में सेमिनारों में भाषण देने के लिये बुलाया जाता रहा है। बचपन से ही सामाजिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले राजेश राज की हिन्दी भाषा पर अच्छी पकड़ है। यात्रा वृतान्त और संस्मरण लिखने में उन्हें महारत हासिल है।
राजेश राज बेगूसराय ज़िले के एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं। जिनके घर में खेती किसानी, नौकरी , चिकित्सा सेवा और समाज सेवा का संस्कार शामिल है। अत्यंत मृदुभाषी और व्यवहार कुशल राजेश राज के बाबा यानि दादाजी एक प्रखर समाजसेवी थे। उनके बाबा डा मेघन गोप पेशे से चिकित्सक थे ,लेकिन अख्खड़ समाजवादी थे। मंडल कमीशन आंदोलन के दौरान उन्होंने गाँव में सौहार्द बनाये रखने में बड़ी भूमिका निभाई। वे गरीबों के डाक्टर के रुप में जाने जाते थे और गरीबों के लिये उन्होंने हमेशा आवाज़ बुलंद की। राजेश राज के पिताजी विजय कुमार एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले ईमानदार व्यक्ति थे। राजेश राज की तरक्की में उनके बाबा और पिताजी की बड़ी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

दूरदर्शन न्यूज़ के लिये राजेश राज ने अब तक चार लोकसभा चुनाव और 10 से ज्यादा राज्यों के लिये विधानसभा चुनाव कवर किया है। राजेश ने 2009 लोकसभा चुनाव झारखंड और बंगाल में कवर किया,इस दौरान उन्हें नक्सलियों से भी दो चार होना पड़ा। 2014 लोकसभा चुनाव में राजेश राज ने बिहार के लिये दो महीने रिपोर्टिंग की। जबकि 2019 में भी लोकसभा चुनाव में बिहार में रहकर रिपोर्टिंग की और फिर 2024 लोकसभा चुनाव के महासमर में बिहार में ही रिपोर्टिंग में हाथ आजमाये।
राजेश राज दिल्ली में बीजेपी बीट और संसद की रिपोर्टिंग करते हैं ,साथ ही प्रधानमंत्री की देश और विदेश में अनेक रैलियों और कार्यक्रमों को कवर करने का मौका उन्हें मिला है। साथ ही कैबिनेट, रेलवे और पेट्रोलियम समेत अनेक महत्वपूर्ण मंत्रालय को कवर करने का अनुभव भी उनके पास है। इसके अलावा बिहार की तमाम बड़ी हस्तियों का साक्षात्कार करने का मौका भी राजेश राज को मिला है। बिहार के प्राय: तमाम बिग शॉट का इंटरव्यू करने का मौका उन्हें मिला है। शरद यादव,लालू प्रसाद,रामविलास पासवान,राबड़ी देवी,सुशील मोदी,उपेन्द्र कुशवाहा,जीतन राम मांझी,तेजस्वी यादव,राबड़ी देवी समेत अनेक बड़ी हस्तियों का साक्षात्कार राजेश राज ने किया है।

नेपाल के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.रामवरन यादव, बाबा रामदेव, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान,रविशंकर प्रसाद, राजनाथ सिंह,नीतिन गडकरी, शत्रुध्न सिन्हा, हेमा मालिनी,विनोद खन्ना समेत दर्जनों राजनेताओं और अभिनेताओं का इंटरव्यू भी राज के नाम है।

राजेश राज को बिहार मामलों के जानकार के रुप में जाना जाता है क्योंकि उन्होंने बिहार के लिये 6 चुनावों को न सिर्फ कवर किया, बल्कि बिहार की सियासी नब्ज़ को करीब से टटोलने की कोशिश भी की। बिहार के लिये 2010,2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव और 2014 ,2019, और 2024 के लोकसभा चुनाव कवर करने का रिकार्ड उनके नाम दर्ज है। इन 6 चुनावों के दौरान राजेश राज ने बिहार की सामाजिक,भौगौलिक और ऐतिहासिक परिस्थिति को समझने की कोशिश की। बिहार के लिये मंजिल की तलाश,उजड़ता आशियाना,रेशम की डोर- चली किस ओर,तटबंध पर उठते सवाल समेत आधा दर्जन से भी ज्यादा डाक्यूमेंट्री बनाकर राज ने बिहार के जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी है।

एक पत्रकार के रुप में बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका को अपने डॉक्यूमेंट्री ” तटबंध पर उठते सवाल ” के ज़रिये दिखलाया तो ” रेशम की डोर ” में भागलपुर के बुनकरों की दुर्दशा का भी अनोखा चित्रण किया। मंजिल की तलाश डॉक्यूमेंट्री ने उन्हें अवार्ड भी दिलाया,जिसमें बिहार ,यूपी से दिल्ली आने वाले नौजवानों के चकनाचूर होते सपने और नशा के आगोश में अपना सबकुछ लूटा देने वाले युवाओं की पीड़ा को बखूबी दिखाने की कोशिश की।

इसके अलावा प्रधानमंत्री की नेपाल और रंगून यात्रा पर भी राजेश राज ने जहाँ लाईव रिपोर्टिंग की,वहीं ” नेपाल में जीता दिल ” और ” प्रधानमंत्री की म्यांमार यात्रा ” डॉक्यूमेंट्री में अपनी रिपोर्टिंग स्किल का लोहा भी मनवाया। राजेश राज ने 2019 के अक्टूबर महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सउदी अरब यात्रा को भी कवर किया। जिसमें इंडियन फूड और कश्मीरी सेव के सउदी अरब पहुंचने पर उनकी स्टोरी ने सुर्खियाँ बटोरी।

राजेश राज एक ऐसे टेलीविज़न रिपोर्टर रहे हैं,जिन्होंने लगभग हर बीट पर काम किया है। डी.डी.न्यूज़ के शुरुआती दिनों में राजेश राज ने इंटरटेनमेंट बीट पर अपने रिपोर्टिंग की शुरुआत की । डी .डी.न्यूज़ के चर्चित कार्यक्रम ” रंग तरंग ” को प्रोडयूस करने का मौका भी उन्हें मिला। इस दौरान कला और संस्कृति जगत के नामचीन हस्तियों से रुबरु भी हुए। मसलन भजन सम्राट अनूप जलोटा, जगजीत सिंह,सोनू निगम,कुमार सानू,उदित नाराय़ण, श्रेया घोषाल ,पंकज उदास , शारदा सिन्हा,मालिनी अवस्थी, यश चोपड़ा,ओमपुरी, नंदिता दास, फारुख शेख, प्रकाश झा सरीखे बेहतरीन कलाकारों से साक्षात्कार के दौरान रुबरु होने का मौका भी मिला। फिर राजेश राज ने रंग तरंग के लिये तकरीबन एक साल से भी ज्यादा वक्त तक एंकरिंग में भी हाथ आजमाये। एंकरिंग से राजेश राज की एक मुकम्मल पहचान बनी।

बचपन से ही राजेश राज की अभिरुचि सामाजिक गतिविधियों में रही है। खेल में अभिरुचि रखने वाले राजेश राज बनने चले थे क्रिकेटर और बन गये रिपोर्टर । खेल के दौरान मंझौल के शताब्दी मैदान से पटना तक की यात्रा में समाज के कमज़ोर वर्ग के खिलाड़ियों के लिये उनका अभियान चर्चा में रहा है। खेल के मौदान में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ राजेश राज ने हुंकार भरी ,जिसमें उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा और अपमान के घूंट भी पीने पड़े लेकिन बागी प्रवृति के राजेश राज ने हार नहीं मानी और समाजिक न्याय दिलाने में कामयाब रहे।

राजेश राज वर्तमान में जयमंगला काबर फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। जिसके माध्यम से समाजसेवा के क्षेत्र में उन्होंने अनेक कार्य किये हैं। अपनी जन्मभूमि बिहार और बेगूसराय के लिये उनका प्रयास सराहनीय है। एशिया प्रसिद्द काबर झील पक्षी अभ्यारण्य और 52 शक्तिपीठों में एक बेगूसराय के मंझौल में स्थित माता जयमंगला की ख्याति को दूर दूर तक पहुंचाने के लिये राजेश ने अथक प्रयास किये। रोचक पहलू ये है कि दो दशक से दिल्ली में प्रवास करने वाले राजेश राज अपनी मिट्टी,मुल्क और वतन से बेपनाह मुहब्बत करते हैं। उनका गाँव मंझौल बेगूसराय स्वाधीनता आंदोलन और जेपी आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला इकलौता गाँव था, जहाँ बिहार केसरी डा श्रीकृष्ण सिंह हमेशा प्रवास के लिये आते थे और स्वतंत्रता सेनानी राम बाबू के यहाँ प्रवास करते थे। नमक सत्याग्रह आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने वाले श्रीबाबू मंझौल से ही गढ़पुरा जाया करते थे।

जेपी आंदोलन में अति पिछड़े् वर्ग से आने वाले नित्यानंद साहू ने अपनी शहादत देकर मंझौल का नाम उंचा किया। मंझौल का जयमंगला हाईस्कूल आसपास के 50 गाँवों के अध्ययन और अध्यापन का एक बेज़ोड केन्द्र था। समाजिक ताना बाना ऐसा कि सम्पूर्ण बिहार के लोग मंझौल जैसे वैभवशाली गाँव की चर्चा करते नहीं अघाते थे। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद रामजीवन सिंह की जन्मभूमि , वामपंथी नेता पूर्व एमएलसी वासुदेव सिंह और पूर्व सांसद डा भोला सिंह की कर्मभूमि रही मंझौल ने अनगिनत रत्न पैदा किये। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की एक फौज खड़ी की,जो देश के विभिन्न हिस्सों में मंझौल और बेगूसराय का नाम रौशन कर रहे हैं। आसपास के 50 गाँवों के लोग मंझौल बाज़ार में खरीदारी करने आते थे,लेकिन कालांतर में मंझौल को किसी की नज़र लग गई और मंझौल अपराध की चपेट में आ गया। आसपास के गाँवों के लोग मंझौल में खरीदारी के बजाय रोसड़ा और बेगूसराय खरीदारी करने लगे। जिससे आर्थिक नुकसान मंझौल अनुमंडल को उठाना पड़ा। ज़िले के अन्य अनुमंडल बखरी,बलियाऔर तेघड़ा की तरक्की के सामने मंझौल अनुंडल पिछड़ने लगा। स्कूल, कालेज और अस्पताल की हालत दिनों दिन खराब होती चली गई।

राजनीतिक रुप से जागरुक और अगुआ की भूमिका निभाने वाले मंझौल में 1990 के चुनावों में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जनता दल के प्रत्याशी रामजीवन सिंह के लिये चुनाव प्रचार के लिये आये थे। चौधरी देवी लाल, लालकृष्ण आडवाणी, अटल विहारी वाजपेयी, साध्वी श्रृतभंरा,सुषमा स्वराज, लालू प्रसाद,नीतीश कुमार,रामविलास पासवान,शरद यादव,एवी वर्धन सऱीखे राज्य और देश स्तर के कोई ऐसे नेता नहीं थे, जो मंझौल चुनाव प्रचार के लिये नहीं आये हों। हरेक चुनाव में मंझौल तमाम दलों का सियासी घमासान का एक बेजोड़ अखाड़ा बनता था और दर्जनों हेलीक़ाप्टर से राजनेता चुनाव प्रचार के लिये मंझौल आते थे। लेकिन कालांतर में मंझौल की साख ऐसी गिरी कि सियासी दलों के रहनुमा मंझौल में अपनी पार्टी आफिस खोलने से कतराने लगे। 2004 के आम चुनाव में आखिरी मर्तवा रामविलास पासवान अपने दल के वाहुवली प्रत्याशी सूरज भान के लिये हेलीकाप्टर से प्रचार करने आये।
इन बातों से परेशान राजेश राज का मन बहुत आहत हुआ और मंझौल की खोई प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिये राजेश राज ने दिल्ली में योजना बनानी शुरु की। इसी दौैरान मंझौल अनुमंडल का सिल्वर जुबली मनाने की का मन बना । पहले मंझैौल महोत्सव की योजना बनी, लेकिन माता जयमंगला की ऐसी कृपा हुई कि महोत्सव का नाम जयमंगला काबर महोत्सव हो गया ।

इसी कड़ी में 18 मई 2017 को जयमंगला काबर महोत्सव का आयोजन किया गया,जिसमें बिहार के तत्कालीन राज्यपाल और अब देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द जी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किया। बिहार कोकिला डॉ शारदा सिन्हा और मशहूर प्लेबैक सिंगर तृप्ति शाक्या ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से लोगों को खूब गुदगुदाया। इस कार्यक्रम का संयोजक होने का गौरव राजेश राज को प्राप्त हुआ। इस समारोह में बेगूसराय के धरतीपुत्र आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को महामहिम रामनाथ कोविन्द के हाथों पुरस्कृत भी करवाया गया। बेगूसराय के चर्चित ब्यूरोक्रेट डीआईजी उमेश कुमार सिंह की पुस्तक का विमोचन भी रा्जयपाल के हाथों सम्पन्न हुआ। जयमंगला फाउंडेशन के इस प्रयास ने उत्तर बिहार में खूब सुर्खियाँ बटोरी। बेगूसराय के इतिहास में जयमंगला महोत्सव मील का पत्थर साबित हुआ, जब एक छोटे से अनुंमंडल मंझौल से दिल्ली और देश भर में माता जयमंगला और काबर झील की ख्याति में चार चाँद लगे। मंझौल के शताब्दी मौदान में 13 साल बाद हेलीकाप्टर से किसी राजनेता का आगमन हुआ। इस आयोजन में राजेश राज और उनकी टीम को अनेक बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तत्कालीन सांसद और बेगूसराय के चर्चित लीडर भोला बाबू ने कहा था कि जयमंगला महोत्सव से इलाके का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। जिसने मंझौल की खोई प्रतिष्ठा को बहाल किया।

अगले साल 2018 में राजेश राज के प्रयास से बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग ने जयमंगला महोत्सव को सरकारी महोत्सव का दर्जा प्रदान किया। 29 और 30 मार्च को दो दिवसीय जयमंगला महोत्सव का आयोजन मंझौल,बेगूसराय के शताब्दी मैदान में किया गया। जिसमें उभरती गायिका मैथिली ठाकुर और मशहूर लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अपने सुर का जादू बिखेरा। उद्घाटन सत्र में तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और एस.एस अहलूवालिया मुख्य अतिथि रहे तो समापन सत्र में बिहार के तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील मोदी और तत्कालीन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय चौधरी ने अपनी उपस्थिति से समारोह में चार चाँद लगा दिया।
इस तरह एक गाँव में आयोजित कार्यक्रम को राष्ट्रीय फलक दिलाने में राजेश राज कामयाब हुए। इसके अलावा बाढ़ समेत प्राकृतिक आपदाओं में भी जयमंगला काबर फाउंडेशन की सक्रियता बनी रहती है। इसके अलावा राजेश राज की दिलचस्पी वॉलीवॉल और रॉकबॉल जैसे राष्ट्रीय खेलों में भी रहती है,जिसके सम्यक विकास के लिये वे लगातार प्रयासरत रहते हैं और अनेक राष्ट्रीय स्तर के खेल समारोह भी आयोजित करवा चुके हैं।

एक साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश राज को समाजसेवा और पत्रकारिता में उलेखनीय योगदान के लिये एक दर्जन से भी ज्यादा पुरस्कारों से नवाज़ा गया है।

1. इंडियन बिज़नेस फोरम सम्मान ,रियाद,सउदी अरब

2. वॉयस ऑफ बिहार ने दिया बिहार प्रतिभा सम्मान

3. आईकॉनिक फेस ऑफ बिहार सम्मान,पटना ( 2021 )

4. अटल मिथिला सम्मान ,दिल्ली( 2016)

5. विश्व मित्र परिवार दिल्ली के द्वारा मीडिया रत्न सम्मान

6. विश्व मानवाधिकार संरक्षण अवार्ड ( 2012 )

7. चर्चित बिहार राष्ट्रीय सम्मान 2018 और 2019

8. पीटीआई मीट अवार्ड ,दिल्ली

9.मदनमोहन वर्मा स्मृति सम्मान,देहरादून,उत्तराखंड

10. सोसाईटी एचीवर्स के रुप में संभावना सम्मान ,दिल्ली

11. सरस्वती सम्मान ,पटना

12 . सउदी अरब के प्रिंस ने दिया सहाफत के सरताज अवार्ड ( 2015 )

13. कोरोना वॉरियर सम्मान,दिल्ली ( 2020 )

14. सेवा सम्मान ,पटना,बिहार

15. मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम ” फे्से आफ वर्ल्ड अवार्ड,2025 “

16. अटल तिरंगा सम्मान 2024 ( केन्द्रीय मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय और मनोज तिवारी के हाथों)

17. टाइम्स आईकोन आफ द ईयर अवार्ड 2024 ( संदीप पाटिल के हाथों।

Rajesh Raj Senior Political Journalist Social Leader & Public Voice

Welcome to the Official Website of Rajesh Raj

Rajesh Raj is a highly respected Senior Political Journalist in Delhi, widely known for his association with DD News and his impactful contribution to journalism and society. With years of experience in political reporting and public affairs, Rajesh Raj has built a reputation for delivering accurate, unbiased, and insightful news coverage. His work reflects credibility, responsibility, and a strong commitment to truth. As a DD News journalist, Rajesh Raj plays a vital role in shaping public opinion by presenting factual and transparent reporting. His deep understanding of Indian politics and governance allows him to provide valuable insights that help citizens stay informed and aware.

Expertise in Political Journalism

Rajesh Raj is a recognized political journalist in India who focuses on delivering in-depth coverage of political developments, elections, and government policies. His reporting style is analytical, clear, and impactful.

Accurate News Reporting

He ensures every report is fact-checked and reliable, maintaining high standards of journalism.

Public Awareness

His journalism aims to educate citizens and promote awareness about national issues.

Ethical Media Practice

Rajesh Raj follows strict ethical guidelines, making him a trusted media professional in Delhi.

Social Activism & Community Leadership

Beyond journalism, Rajesh Raj is a dedicated social activist in India. He actively participates in initiatives that focus on education, social welfare, and community development.

As Chairman of Jaimangala Kabar Foundation, he leads programs that uplift communities and create positive change in society.

Leadership in Sports and Culture

Rajesh Raj is also actively involved in promoting sports and cultural activities.

President – Begusarai Volleyball Association

He actively supports training programs, tournaments, and grassroots initiatives to identify and nurture young talent. His leadership aims to build discipline, teamwork, and a strong sports culture among the youth in the region.

Convenor – Jaimangla Mahotsav

He plays a crucial role in bringing communities together through well-organized cultural programs and heritage celebrations. His efforts help promote local talent, strengthen cultural values, and enhance regional recognition at a broader level.

Government Advisory Role

Rajesh Raj serves as a Hindi Advisory Committee Member under the Ministry of Fisheries, Dairy and Animal Husbandry, Government of India. His role includes supporting policy initiatives and promoting the use of Hindi in official communication.

Vision & Mission

Vision

✅ Truth & Transparency
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✅ Ethical Journalism
✅ Public Empowerment

Mission:

✅ Deliver truthful and impactful news
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(FAQs)

Who is Rajesh Raj?

Rajesh Raj is a Senior Political Journalist at DD News and a social activist.

What is Rajesh Raj known for?

He is known for political journalism and social leadership.

What organization does he lead?

He is Chairman of Jaimangala Kabar Foundation.

Is Rajesh Raj associated with government roles?

Yes, he is part of a Hindi Advisory Committee.

Does he support sports?

Yes, he promotes sports as President of Begusarai Volleyball Association.

How can I contact him?

Via phone or email listed above.

What is his mission?

To promote awareness, truth, and social development.